31 अगस्त 2020 - 14:14
ट्रम्प के गैंगस्टर दामाद कुशनर क्या अरब और मुस्लिम देशों को इस्राईल के सामने झुका पायेंगे? पढ़िए केविन बैरेट का विश्लेषण

अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प के वरिष्ठ सलाहकार, दामाद और मुख्य नीति निर्माता जेरेड कुशनर ने अमरीकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ओ'ब्रायन के साथ यरुशलम (बैतुल मुक़द्दस) में यह दावा किया है कि अरब और मुस्लिम देश संयुक्त अरब अमीरात का अनुसरण करते हुए जनसंहारी ज़ायोनी शासन के साथ संबंध सामान्य बनायेंगे।

कुशनर ने कि जो इस्राईल से यूएई के लिए पहली फ़्लाइट में यात्रा करने के लिए कई अमरीकी अधिकारियों के साथ बैतुल मुक़द्दस पहुंचे थे, होलोकॉस्ट पर अपना सीना पीटते हुए कहाः दो होलोकॉस्ट में ज़िंदा बच जाने वाले शख़्स का पोता होने के रूप में, यह मेरे और मेरे परिवार के लिए कहीं ज़्यादा माने रखता है, जिसे शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता।

कुशनर मगरमच्छ के आंसू बहा रहे हैं। वह एक गैंगस्टर हैं। उन्होंने एक गंदी बस्ती बनाकर अपना कैरियर बनाया है। उन्हें होलोकॉस्ट से बच जाने वाले अपने दादा और दादी के अलावा, किसी की भी परवाह नहीं है। यही वजह है कि वह फ़िलिस्तीनियों के होलोकॉस्ट को जारी रखने के लिए कुछ भी करने के लिए तैयार हैं।

कुशनर अवैध अधिकृत बैतुल मुक़द्दस में कोशेर नोस्ट्रा (अमरीका में संगठित अपराध करने वाला ज़ायोनी यहूदियों का गैंग) के प्रतिनिधि के रूप में व्यवहार कर रहे हैं। इस ज़ायोनी गैंग पर राष्ट्रपति कैनेडी की हत्या और 9/11 की घटना की साज़िश में शामिल होने जैसे अपराधों के आरोप हैं। यह दुनिया के सबसे ख़तरनाक अपराधियों का गैंग है। ट्रम्प प्रशासन में इस गैंग का प्रतिनिधि अब अरब और मुस्लिम देशों को फ़िलिस्तीनियों के नरसंहार पर चुप रहने के लिए राज़ी कर रहा है, जिसे वे संबंधों को सामान्य बनाने का नाम दे रहे हैं।

कुशनर, नेतनयाहू और ज़ायोनी संगठन दुनिया के सबसे ख़तरनाक हत्यारे हैं, जो फ़िलिस्तीनियों के होलोकॉस्ट के ख़िलाफ़ बोलने वाले या इसे रोकने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति की हत्या करने या उसे डराने व धमकाने की कोशिश कर सकते हैं। यहां यह सवाल उठता है कि क्या यह ज़ायोनी, फ़िलिस्तीनियों के नरसंहार पर अरब और मुस्लिम देशों के नेताओं को धमकाने और उनका मुंह बंद करने में सफल हो सकेंगे?  कुशनर ऐसा ही सोचते हैं।

ज़ायोनियों ने इसके लिए सबसे पहले ओमान, बहरीन, सूडान और यहां तक कि सऊदी अरब जैसे कुछ देशों को सूची में सबसे ऊपर रखा है। ज़ायोनियों ने सूडान को दो टुकड़ों में बांट दिया, इसके दक्षिणी भाग के सभी संसाधनों को लूट लिया है।

वास्तव में सूडान में अब ज़्यादा कुछ नहीं बचा है। 5 वर्षों में जिन 7 देशों को नष्ट करने के लिए 9/11 की घटना को डिज़ाइन किया गया था, उनमें से एक सूडान भी था। अब जो कुछ भी सूडान में बचा हुआ है, वह भी ज़ायोनियों के कंट्रोल में है।

हालांकि कुशनर यह भूल रहे हैं कि ज़ायोनी कितने भी प्रयास कर लें, अरब और मुस्लिम देशों की जनता कभी भी फ़िलिस्तीनियों का नरसंहार बर्दाश्त नहीं करेगी और एक या दो देशों को छोड़कर कोई भी मुस्लिम और अरब देश, ज़ायोनी शासन को सहन नहीं करेगा।

इसलिए बेहतर यही होगा कि ज़ायोनी अपने नस्लीय वर्चस्ववाद की गंदगी दिमाग़ से निकाल दें और नरसंहार तथा होलोकॉस्ट की योजनाओं को त्याग दें। जो यहूदी अपने फ़िलीस्तीनी पड़ोसियों के साथ शांति और समानता के साथ रहना चाहते हैं, उन्हें ऐसा करने की अनुमति दी जाए, बाक़ी दुनिया में जहां रहना चाहते हैं, वहां चले जाएं या जहां से वे पलायन करके फ़िलिस्तीन पहुंचे हैं, वहीं वापस लौट जाएं। हालांकि इतिहास में ज़ायोनी कभी भी अपने पड़ोसियों के साथ शांति से नहीं रहे हैं, लेकिन उन्हें एक मौक़ा और दिया जाना चाहिए। यही वास्तविक शांति योजना है, कुशनर और ट्रम्प की योजनाएं इस क्षेत्र में कभी पूरी नहीं होंगी।